जीवन की कुछ कविताएं; मन करता है किसी से कहें सुनाएं
या तामाशीन हैं शायद!!
मतलब भर की आंख खुली बंद रखते हैं!!!
उनका मसला हो, उम्मीद मदद की ...
दूसरों के मसलों पर कान मुंह बंद रखते हैं!!!
Well said
ओझल तन मन...जीवन.. हम तुम केवल बंधे बंधे.. हम राही केवल, नहीं हमराही... चले आते हैं, चले जाते हैं... सुबह शाम बिन कहे सुने.. न हाथों का मेल....
Well said
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