जीवन की कुछ कविताएं; मन करता है किसी से कहें सुनाएं
कुछ कहने लायक काम हो जाय!
यूं ही जाया किए उम्र ए ज़िन्दगी
थोड़ी देर के लिए ही नाम हो जाए!!!
Right
ओझल तन मन...जीवन.. हम तुम केवल बंधे बंधे.. हम राही केवल, नहीं हमराही... चले आते हैं, चले जाते हैं... सुबह शाम बिन कहे सुने.. न हाथों का मेल....
Right
ReplyDelete