जीवन की कुछ कविताएं; मन करता है किसी से कहें सुनाएं
शांति, अमन, चैन...
ईश्वर व्याप्ति का आधार ।।
मुस्कान, अधर का प्रतीक निरंतर..
जब तक शांति का प्रसार..
ओझल तन मन...जीवन.. हम तुम केवल बंधे बंधे.. हम राही केवल, नहीं हमराही... चले आते हैं, चले जाते हैं... सुबह शाम बिन कहे सुने.. न हाथों का मेल....