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यकीनन होता है ऐसा..

यकीनन होता है ऐसा..

हृदय कहीं रुक जाता है..

काम धाम होते रहते हैं..!!

भेद कई चलते रहते हैं..

मेल मिलाप होते रहते हैं..!!

शांति सुकून की चाहत में..

ताम झाम होते रहते हैं..!!

झूठ फरेब के तिलिस्म में..

कृष्ण राम होते रहते हैं..!!

पाते हैं ना कुछ खोते हैं..

नाम तमाम होते रहते हैं..!!

यकीनन होता है ऐसा..

हृदय कहीं रुक जाता हैं..

दुआ सलाम होते रहते हैं..!!


ओझल तन मन...जीवन.. हम तुम केवल बंधे बंधे.. हम राही केवल, नहीं हमराही...

ओझल तन मन...जीवन.. हम तुम केवल बंधे बंधे.. हम राही केवल, नहीं हमराही... चले आते हैं, चले जाते हैं... सुबह शाम बिन कहे सुने.. न हाथों का मेल....